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जन्म कुंडली हिंदी में: हर हिस्सा सरल शब्दों में

कुंडली खुलती है तो सामने लग्न, भाव, नक्षत्र और दशा जैसे शब्द आते हैं। यहाँ इन्हें एक-एक करके, रोज़ की हिंदी में समझाया गया है, ताकि आपकी अपनी कुंडली पढ़ते समय कोई शब्द अजनबी न लगे।

पहले शब्द, फिर चित्र

नीचे दिए सारे अर्थ पारंपरिक हैं, यानी ज्योतिष की पुरानी समझ के अनुसार। उन्हें चिंतन के इशारे की तरह लीजिए, किसी नतीजे की घोषणा की तरह नहीं।

  • लग्न: आपके जन्म के समय पूर्व में उदय होती राशि। कुंडली की गिनती यहीं से शुरू होती है, और इसे आपके बाहरी स्वभाव का प्रवेश-द्वार कहा जाता है।
  • राशि: आकाश के बारह बराबर हिस्से, मेष से मीन तक। हर ग्रह किसी न किसी राशि में बैठा होता है।
  • भाव: बारह खाने, जो जीवन के बारह क्षेत्र दिखाते हैं। पहला भाव ख़ुद आप हैं, चौथा घर-परिवार, सातवाँ साझेदारी, और दसवाँ काम।
  • ग्रह: सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, और चंद्रमा के दो बिंदु राहु-केतु। हर ग्रह के कुछ पारंपरिक गुण माने जाते हैं।
  • नक्षत्र और चरण: राशि के भीतर 27 तारा-समूहों में से वह, जिसमें ग्रह है, और उसका चौथाई हिस्सा। चंद्र नक्षत्र दशा की शुरुआत तय करता है।
  • वक्री: जब कोई ग्रह पृथ्वी से देखने पर पीछे चलता दिखता है। तालिका में इसे "हाँ" से बताया जाता है।

दशा के तीन शब्द

दशा समय का वह ढाँचा है जिसमें जीवन को ग्रहों के नाम वाले अध्यायों में बाँटा जाता है। महादशा बड़ा अध्याय है, जो कई साल चलता है; अंतर्दशा उसके भीतर का छोटा हिस्सा है; और पूरा क्रम चंद्र नक्षत्र से शुरू होता है।

कुंडली की स्क्रीन "अभी की महादशा" और "अभी की अंतर्दशा" दिखाती है। परंपरा कहती है कि उस समय उस ग्रह के विषय आगे आते हैं, पर इसे भविष्य की भविष्यवाणी नहीं, बल्कि अपने समय को देखने का एक नज़रिया समझना बेहतर है।

हीरे वाली कुंडली पढ़ने का क्रम

उत्तर भारतीय शैली में कुंडली एक हीरे जैसे चित्र में बँटी होती है। उसे पढ़ने का सीधा क्रम यह है:

  • सबसे ऊपर बीच वाला खाना देखिए। वही पहला भाव है, यानी लग्न।
  • वहाँ लिखी छोटी संख्या राशि है: 1 का मतलब मेष और 12 का मतलब मीन।
  • फिर घड़ी की उल्टी दिशा में चलते हुए दूसरा, तीसरा और बाकी भाव गिनिए।
  • हर खाने में ग्रहों के छोटे नाम लिखे होते हैं। जिस ग्रह के साथ वक्री का निशान हो, वह वक्री है।
  • अंत में ग्रहों की तालिका से मिला लीजिए, जिसमें वही सब शब्दों में लिखा है।

नवांश और दशमांश क्या हैं

मुख्य कुंडली के अलावा कुंडली की स्क्रीन पर दो और चित्र मिलते हैं। नवांश (D9) में हर राशि को नौ हिस्सों में बाँटा जाता है और उससे ग्रह की ताकत को ज़्यादा बारीकी से देखा जाता है। दशमांश (D10) में दस हिस्से होते हैं और परंपरा में इसे काम और सार्वजनिक जीवन के लिए देखा जाता है।

शुरुआत में इन्हें छोड़ भी सकते हैं। पहले मुख्य कुंडली और "एक नज़र में" वाला हिस्सा पढ़ना काफ़ी है।

अपनी कुंडली हिंदी में कैसे देखें

Vedikshana में पूरी कुंडली और चैट हिंदी में उपलब्ध है, मुफ़्त। इसके लिए मोबाइल नंबर पर आए OTP से साइन इन करना और 18+ होने की पुष्टि करना होता है; फिर जन्म की जानकारी भरते ही कुंडली दिख जाती है।

चैट में आप किसी भी शब्द का अर्थ पूछ सकते हैं। ध्यान रहे कि जवाब AI लिखता है और ग़लत हो सकता है।

आम सवाल

लग्न और राशि में क्या फ़र्क़ है?

राशि आकाश का एक हिस्सा है। लग्न उस राशि का नाम है जो आपके जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदय हो रही थी। आम तौर पर "आपकी राशि" चंद्र राशि को कहा जाता है, जो इससे अलग हो सकती है।

महादशा और अंतर्दशा में क्या अंतर है?

महादशा किसी एक ग्रह का बड़ा अध्याय है। अंतर्दशा उसी अध्याय के भीतर बाकी ग्रहों के क्रम से चलने वाले छोटे हिस्से हैं।

क्या कुंडली हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में दिखती है?

हाँ। भाषा बदलने पर कुंडली के शब्द, तालिका और चैट के जवाब उसी भाषा में दिखते हैं।

यह पारंपरिक ज्ञान चिंतन के लिए साझा किया गया है, भविष्यवाणी, सलाह या किसी नतीजे का वादा नहीं। सेहत, पैसे या क़ानून के मामलों के लिए कृपया किसी योग्य पेशेवर से बात कीजिए।